
छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के युवाओं के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब बार-बार अलग-अलग विभागों के फॉर्म भरने, फीस देने और भ्रमित होने की समस्या खत्म होने जा रही है।
इसके लिए सरकार ने “छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक 2026” पास कर दिया है, जिसे 18 मार्च 2026 को राजपत्र में प्रकाशित भी कर दिया गया है।
इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है।
अब व्यापम का क्या होगा?
CG Vyapam अलग संस्था के रूप में खत्म हो जाएगा।
विस्तार से समझें:
- नए कानून के अनुसार छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (CG Vyapam) को समाप्त नहीं बल्कि नए “छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल” में विलय (merge) किया जाएगा।
- इसका मतलब:
- Vyapam का अलग अस्तित्व खत्म होगा
- उसकी सभी जिम्मेदारियां, संपत्ति और कार्य नए मंडल को मिल जाएंगे
- जो परीक्षाएं या भर्तियां पहले से चल रही हैं, वे पुराने नियम से पूरी होंगी
- भविष्य की भर्तियां नए कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से होंगी
- Vyapam “बंद” नहीं होगा, बल्कि
- नए सिस्टम में शामिल (merge) हो जाएगा
छात्रों के लिए इसका मतलब
- अब अलग-अलग सिस्टम नहीं रहेगा
- एक ही प्लेटफॉर्म से सभी भर्तियां होंगी
- प्रक्रिया ज्यादा सरल और स्पष्ट होगी
अगर चाहें तो मैं “Vyapam vs नया मंडल” का comparison भी बना सकता हूँ।
क्या है छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल?
छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल (CG Staff Selection Board) एक नया भर्ती बोर्ड होगा, जो राज्य के विभिन्न विभागों में तृतीय (Group C) और चतुर्थ (Group D) श्रेणी के पदों पर भर्ती करेगा।
पहले क्या होता था?
- हर विभाग अपनी अलग भर्ती निकालता था
- अलग-अलग फॉर्म और फीस भरनी पड़ती थी
- समय और पैसा दोनों बर्बाद होता था
अब क्या होगा?
- एक ही प्लेटफॉर्म से भर्ती प्रक्रिया
- “एकजुट कैलेंडर” जारी होगा
- आवेदन प्रक्रिया आसान और एकीकृत होगी
1. यह कानून क्या कहता है?
इस अधिनियम के अनुसार:
- पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में एक नया बोर्ड बनाया जाएगा
- इसका नाम होगा छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल
- यह मंडल मुख्य रूप से Group C (तृतीय श्रेणी) और Group D (चतुर्थ श्रेणी) की भर्तियां करेगा
इससे पहले अलग-अलग विभाग भर्ती करते थे, लेकिन अब सब कुछ एक ही मंडल करेगा।
2. इस कानून का मुख्य उद्देश्य
इस कानून का उद्देश्य है:
- भर्ती प्रक्रिया में एकरूपता लाना
- अलग-अलग आवेदन की समस्या खत्म करना
- भर्ती को तेज और व्यवस्थित बनाना
- सरकारी पैसों और समय की बचत करना
3. मंडल क्या-क्या काम करेगा?
मंडल के मुख्य कार्य:
- भर्ती परीक्षाएं आयोजित करना
- इंटरव्यू, स्किल टेस्ट आदि कराना
- परीक्षा का रिजल्ट जारी करना
- प्रमाण पत्र (certificate) देना
- परीक्षा से जुड़े सभी कामों की निगरानी करना
- जरूरत पड़ने पर किसी एजेंसी को काम देना
4. मंडल का गठन (Structure)
- एक अध्यक्ष (Chairman) होगा
- अधिकतम 3 सदस्य होंगे
- एक सचिव (Secretary) होगा
- अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी होंगे
5. समितियां (Committees)
मंडल के अंदर अलग-अलग काम के लिए समितियां बनाई जाएंगी:
- पाठ्यक्रम समिति
- परीक्षा समिति
- वित्त समिति
- कार्यकारी समिति
6. सरकार की भूमिका
राज्य सरकार:
- नियम बना सकती है
- मंडल को निर्देश दे सकती है
- भर्ती प्रक्रिया के नियम तय कर सकती है
7. पैसा और बजट (Finance)
- मंडल के लिए अलग फंड बनाया जाएगा
- सरकार खर्च के लिए पैसा देगी
- हर साल बजट तैयार होगा
- खातों की ऑडिट होगी
8. पुराने बोर्ड का क्या होगा?
- पुराना व्यावसायिक परीक्षा मंडल (Vyapam) इस नए मंडल में मिल जाएगा
- उसकी सभी संपत्ति और काम नए मंडल को मिल जाएंगे
9. चल रही भर्तियों का क्या होगा?
- जो भर्ती पहले से चल रही है, वह उसी नियम से पूरी होगी
- नई भर्ती इस नए कानून के तहत होगी
10. मंडल की खास शक्तियां
मंडल:
- भर्ती प्रक्रिया खुद चला सकता है
- एजेंसी को काम दे सकता है
- किसी विभाग से जानकारी मांग सकता है
- परीक्षा से जुड़े सभी काम नियंत्रित कर सकता है
11. इस कानून का छात्रों पर असर
इस कानून से छात्रों को यह फायदे मिलेंगे:
- बार-बार फॉर्म भरने की जरूरत नहीं
- एक ही जगह से सभी भर्ती
- तैयारी करना आसान
- समय और पैसा दोनों की बचत
- भर्ती प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी
12. इस कानून की जरूरत क्यों पड़ी?
पहले:
- अलग-अलग विभाग अलग भर्ती निकालते थे
- उम्मीदवारों को बार-बार आवेदन करना पड़ता था
- समय और पैसा बर्बाद होता था
अब:
- एक ही सिस्टम से भर्ती होगी
- प्रक्रिया आसान और तेज होगी
13. वित्तीय प्रभाव
इस मंडल को चलाने में सरकार को हर साल लगभग
30 करोड़ रुपये खर्च करना पड़ेगा
छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल क्या है?
यह एक नया भर्ती बोर्ड है जो राज्य में Group C और Group D की भर्तियां करेगा।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल कब लागू हुआ?
कानून 18 मार्च 2026 को राजपत्र में प्रकाशित हुआ।



